-- दहेज मुक्त भारत दहेज मूल रूप से शादी के दौरान दुल्हन के परिवार द्वारा दूल्हे के परिवार को दिए नकदी, आभूषण, फर्नीचर, संपत्ति और अन्य कीमती वस्तुओं आदि की इस प्रणाली को दहेज प्रणाली कहा जाता है। यह सदियों से भारत में प्रचलित है। दहेज प्रणाली समाज में प्रचलित बुराइयों में से एक है। यह मानव सभ्यता पुरानी है और यह दुनिया भर में कई हिस्सों में फैली हुई है। भारत में शुरुआत से ही दहेज की प्रथा और अन्य कुरीतियां फैली हुई है दहेज के कारण आज हर घर में बेटी पैदा होने से पहले लोग 10 बार सोचते हैं कि दहेज देना पड़ेगा कई लड़कियों को मां के गर्भ में ही मार दिया जाता है बहुत सारे लोग तो बेटी का जन्म होते ही उसे कहीं दूर गंदगी में फेंक देते है । कई ऐसे लोग हैं जिन्होंने दहेज के खिलाफ बहुत संघर्ष क्या है और अभी भी वह देश के खिलाफ के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं । दहेज के लिए दुल्हन की हत्या हो जाती है और हर साल हज़ारों की संख्या में बेटियां पैदा होने से पहले ही गर्भ में मार दी जाती हैं ।दहेज प्रथा आज के मशीनी युग में एक दानव का रूप धारण कर चुकी है। यह ऐसा काला सांप है जिसका डसा पानी नहीं मांगता। ...